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हिन्दी-लघुकथा (नेपाली भाषा में अनूदित हिन्दी लघुकथाओं का प्रथम संकलन) / पुष्करराज भट्ट (डॉ., अनुवादक)

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लघुकथा-संकलन  : हिन्दी-लघुकथा (नेपाली                            भाषा  में अनूदित हिन्दी                             लघुकथाओं का प्रथम                              संकलन) अनुवाद एवं संपादन : डॉ. पुष्करराज भट्ट   प्रकाशक नेपाल प्रज्ञा-प्रतिष्ठान संस्करण : पहिलो, वि.सं. २०७९ (१,२०० प्रति ) सर्वाधिकार : नेपाल प्रज्ञा-प्रतिष्ठान कम्प्युटर सेटिङ : रञ्जन घिमिरे आवरण सज्जा : वसन्तराज अज्ञात मुद्रण : प्रज्ञा छापाखाना, कमलादी, काठमाडौं मूल्य : रु. २७०/- ISBN : 978-9937-761-89-5 कुलपतिको मन्तव्य नेपालका भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति तथा ज्ञान-विज्ञानका विविध विधाको अध्ययन, अनुसन्धान एवम् प्रवर्धन गर्दै तत् तत् विषयमा उत्कृष्ट ग्रन्थ प्रकाशन गर्ने अभिप्रायका साथ वि. सं. २०१४ मा सुरुमा नेपाली साहित्य कला एकेडेमीका रूपमा स्थापित नेपाल एकेडेमीले क्रमशः रायल नेपाल एकेडेमी र न...

वामन से विराट -2022/सुमतिकुमार जैन (सं.)

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विवरण प्रेषक : ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश' लघुकथा संकलन : वामन से विराट  संपादक :   सुमतिकुमार जैन (89490 29953) प्रकाशक : दीपज्योति ग्रुप ऑफ पब्लिकेशन, महावीर मार्ग, अलवर- 301001  मोबाइल नंबर : 94148 93120 पृष्ठ संख्या- 164  मूल्य- ₹300 आईएसबीएन  : 978-81-952984-2-6 संकलन की 'वर्तमान परिपेक्ष में लघुकथा की प्रासंगिकता और प्रयोजन' भूमिका प्रसिद्ध कथाकार माधव नागदा ने लिखी है । पिचहत्तर लघुकथाकारों की लघुकथाओं का संकलन पठनीय ही नहीं संग्रहणीय बन पड़ा है। रचनाकारों के संक्षिप्त परिचय सहित सचित्र साज-सज्जा के साथ संकलन प्रकाशित हुआ है। संकलित कथाकार   आभा दुबे डॉ. आदित्य कुमार 'अंशु' अलका मित्तल आनंद दीवान अनिल कुमार वर्मा 'मधुर' डॉ. अंजु दुआ 'जैमिनी' डॉ. अंजु कंसल कनुप्रिया' डॉ. आरती भदौरिया डॉ. आशा मेहता आशीष पारीक चैतन्य बीना चतुर्वेदी डॉ. दीपिका राव धर्मिष्ठा पंडया दिनेश छाजेड़ दिव्या आबूसरिया गिरधारी विजय 'अतुल' गोविन्द भारद्वाज ज्ञानप्रकाश 'पीयूष' ज्ञानवती सक्सेना हरिश्चन्द्र शर्मा 'सरगम' हेमंत यादव हिमाद्री 'समर...

टुकड़े-टुकड़े संवाद-2022/डॉ. सुमन राठी

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लघुकथा-संकलन : टुकड़े-टुकड़े संवाद  संपादक  : डॉ. सुमन राठी ISBN : 978-93-93219-21-3 मूल्य: चार सौ रुपये प्रथम संस्करण : 2022 सर्वाधिकार लेखक प्रकाशक : राइजिंग स्टार्स 600/5-ए, आदर्श मोहल्ला, गली नं० 15 मौजपुर, दिल्ली-110053  चलवार्ता : 9891985727 संपादक की  ' भूमिका ' व्यक्ति के विचारों की अभिव्यक्ति का मुख्य साधन भाषा होती है, जब तक मनुष्य के पास भाषा नहीं होती तब तक वह अपनी चिन्तन व मनन शक्ति को उजागर नहीं कर सकता, उसे अभिव्यक्त नहीं कर सकता। इसी भाषा का सम्भाषण रूप संवाद कहलाता है जिससे व्यक्ति की भावनाओं और विचारों को व्यक्त किया जाता है। अत: कह सकते हैं कि संवाद समान रूप से विचारों का आदान-प्रदान होता है। संवाद मौखिक और लिखित दोनों रूपों में समाहित होते हैं। मौखिक रूप किये गए संवाद संक्षिप्त या सीमित होते हैं जिनका अधिक प्रचार नहीं हो पाता, लेकिन लिखित रूप में संवाद विस्तृत रूपधारण कर लेते हैं, क्योंकि यह केवल एक या दो व्यक्तियों के मध्य ही नहीं रहते, ये तो प्रत्येक पाठक, श्रोता व लेखक के मध्य समाहित होते हैं । संवाद के बिना व्यक्ति सामाजिक प्राणी नहीं बन सकता।...