विष्णु प्रभाकर की चुनिन्दा लघुकथाएँ / अतुल कुमार (सम्पादक)

विष्णु प्रभाकर की चुनिन्दा लघुकथाएँ 

सम्पादक 

अतुल कुमार 

ISBN No.: 978-93-47155-91-8

सर्वाधिकार :@ लेखकाधीन

प्रकाशक : विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान (पंजीकृत) 

ए 249, सेक्टर - 46, नोएडा - 201303

ईमेल : vishnuprabhakarpratishthan@gmail.com

शब्द संयोजन : विक्की कपूर

मुद्रक : श्वेताली कपूर, ई-200, सेक्टर 21, जलवायु विहार, नोएडा-201301

संस्करण : 2025

मूल्य : 320 रुपये

Vishnu Prabhakar ki Chuninda Laghukathayein (Hindi) (Laghukatha - Sangrah) Complied by Atul Kumar

संपादकीय

विष्णु प्रभाकर साहित्य जगत में एक परिचित और सर्व-स्वीकार्य नाम है। यूं तो उन्होंने साहित्य की हर विधा में लिखा पर सबसे अधिक कहानियाँ ही लिखीं। अपने को वे मूलतः कहानीकार ही मानते थे। अपने सृजन काल में जैसे वे अन्य सभी विधाओं से जुड़ते रहे, वैसे ही अनायास लघुकथा के क्षेत्र में भी प्रवेश कर गए। उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा में 100 से अधिक लघुकथाएँ लिखीं। इनके अतिरिक्त भी उन्होने अनेक छोटी-छोटी कहानियाँ लिखीं जो नीति कथाओं की श्रेणी में आती हैं। यद्यपि यह कोई बड़ी संख्या नहीं परन्तु उनके विपुल साहित्यिक अवदान में विविधता तथा लघुकथाओं में उपस्थित मानवीय सरोकार, मनोविज्ञान और दृष्टि को देखते हुए ये सब उल्लेखनीय हो जाती हैं (रचनाकाल 1939-2006) ।

विष्णु जी की 63 चुनिन्दा लघुकथाएँ इस संकलन में शामिल हैं।

विविध रूपों को अपने में समेटे ये लघुकथाएँ अनेक मानवीय पक्षों को उजागर करती हैं और पाठक को आन्दोलित करती हैं।

इस संकलन को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बनाने के उद्देश्य से, इन कथाओं पर विशेषज्ञों के विचार और विष्णु जी के इस विधा पर केन्द्रित साक्षात्कारों को भी यहाँ शामिल किया गया है। कृति और कृतिकार के बारे में अच्छे से जानने और समझने में सुविथा हो यही प्रयास है। सभी विशेषज्ञों के प्रति आभार प्रकट करते हुए, आशा करते हैं कि यह संकलन उपयोगी होते हुए रुचिकर भी होगा।

धन्यवाद।

अतुल कुमार

मो.-9810911826

अनुक्रम

संपादकीय

निवेदन - विष्णु प्रभाकर

1. भला काम

2. इतनी सी बात

3. मुक्ति

4. अतिथि

5. क्षमा

6. चोर की ममता

7. अनोखा दंड

8. घृणा पर विजय

9. मूक शिक्षण

10. चोरी का अर्थ

11. सेवा - भाव

12. पश्चाताप

13. सौ रुपए का नोट

14. वीर माता

15. सबसे बड़ा शिल्पी

16. ऋणी

17. सहानुभूति

18. कर्तव्य - निष्ठा

19. बड़ा दिल

20. किसका बेटा

21. अपनी अपनी समझ

22. सहिष्णुता

23. सेवा

24. पत्थर

25. पूज्य पिताजी

26. निर्भयता

27. तर्क का बोझ

28. ईश्वर का चेहरा

29. फर्क

30. दोस्ती

31. मोहब्बत

32. कौन जीता, कौन हारा

33. खोना और पाना

34. शैशव की ज्यामिति - तीन कोण

35. पाप की कमाई

36. आपकी कृपा है

37. पानी की जाति

38. दान

39. भगवान और पुजारी

40. खद्दर की धोती

41. ब्रह्मानंद सरोवर - एक अनुभूति

42. नपुंसक

43. सम्वेदन

44. विकृति और विकृति

45. लीक से हटकर

46. आचरण की सभ्यता

47. धातु और रुपया

48. आधा किलो सम्मान

49. व्यवस्था का राजदार

50. पहचान

51. किस्मत की फाइल

52. दो बच्चों का घर

53. सार्थकता

54. धर्मराज के अवतार

55. धन्य है आपकी परख

56. इंसान

57. पूछने का सुख

58. चोट सही जाती है कही नहीं जाती

59. नाम की प्यास

60. अन्तर की आग

61. आप क्या माँ नहीं हैं?

62. बटुआ किसका!

63. लगाम

समीक्षात्मक आलेख

1. ललित शुक्ल

2. डॉ सुभाष रस्तोगी

3. बलराम अग्रवाल

4. अशोक भाटिया

साक्षात्कार

1. अशोक भाटिया की बातचीत

2. बलराम अग्रवाल / किरनचन्द्र शर्मा की बातचीत

विष्णु प्रभाकर 

(21.06.1912 से 11.04.2009)

जन्मस्थान - मीरापुर, उत्तर प्रदेश

शिक्षा एंव प्रारंभिक जीवन : हिसार (पंजाब/ हरियाणा), सन 1944 के बाद दिल्ली।

नवंबर, 1931 में लाहौर के 'हिंदी मिलाप' में पहली कहानी 'दिवाली के दिन' छपी। नियमित लेखन सन् 1934 से शुरू हुआ, परीक्षाओं की तैयारी एंव सरकारी नौकरी की व्यस्तता के कारण। 

प्रकाशित पुस्तकें-8 उपन्यास, 39 कहानी-संग्रह, 3 लघुकथा संग्रह, 14 नाटक, 19 एकांकी-संग्रह, 3 रूपांतर, 1 रूपक-संग्रह, 2 अनूदित नाटक, 24 जीवनी एवं संस्मरण, 5 यात्रा-वृत्तांत, 7 विचार निबंध संग्रह, 13 बाल एकांकी, 19 बाल नाटक, 3 बाल जीवनी, 20 बाल कहानी संग्रह, 21 विविध विषयों पर पुस्तकें। समग्र साहित्य-6 खंड-संपूर्ण नाटक, 1 खंड-लघुजीवनी संग्रह, 2 खंड संपूर्ण संस्मरण-संग्रह, 3 खंड-संपूर्ण निबंध-संग्रह, 3 खंड आत्म संस्मरण, 1 संपूर्ण कविता संग्रह, 1 खंड-संपूर्ण साक्षात्कार, 2 खंड-संपूर्ण यात्रा वृत्तांत, 8 खंड-संपूर्ण कहानियां, 1 खंड-संपूर्ण लघु कथाएं, 2 खंड-संपूर्ण बाल कहानियां, 1 खंड-प्रतिनिधि रचनाएं एवं रचना संसार, 1 खंड-संपूर्ण बाल नाटक आदि। रेडियो लेखन में सिद्धहस्त रचनाकार/लगभग 200 से अधिक रेडियो नाटक, रूपक, एकांकी, रंग नाटक, दूरदर्शन नाटक की रचना की। 

पुरस्कृत पुस्तकें-2 उपन्यास, 3 कहानी संग्रह, 3 नाटक, 2 जीवनी व संस्मरण, 4 बाल एवं प्रौढ़-शिक्षा साहित्य की पुस्तकें। 

विशेष कृतियाँ-'आवारा मसीहा' बांग्ला के सुप्रसिद्ध साहित्यकार (शरतचन्द्र चटोपाध्याय की जीवनी-1974), 'सत्ता के आर-पार-1981 (नाटक), ('ज्ञानपीठ मूर्तिदेवी' पुरस्कार) अर्द्धनारीश्वर'-1992 (उपन्यास), (साहित्य अकादमी पुरस्कार), सबसे चर्चित कहानी 'धरती अब भी घूम रही है' (1954), कहानी 'शरीर से परे' (अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त) 

प्रमुख पुरस्कार व सम्मान- उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा पुरस्कृत, हरियाणा साहित्य अकादमी, हिंदी अकादमी-दिल्ली, 'राष्ट्रभाषा बिहार सरकार, महाराष्ट्र राज्य हिंदी अकादमी आदि अनेक प्रांतीय अकादमियो व संस्थाओ द्वारा पुरस्कृत एंव सम्मानित, 'सोवियत लैंड नेहरू' पुरस्कार, केन्द्रीय साहित्य अकादेमी द्वारा पुरस्कृत एंव फैलोशिप प्रदान, राष्ट्रपति द्वारा 'पद्मभूषण' से अलंकृत, के अतिरिक्त अनेक संस्थाओ द्वारा 50 से अधिक सम्मान।

सम्पर्क  : +91 98109 11826 (अतुल कुमार)

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