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पंजाबी चैतन्य लघुकथा / जगदीश राय कुलरियां (सं.)
PUNJABI CHATENYA LAGHUKATHAYEN (A Collection of Laghukathas) ISBN: 978-93-91484-79-8 Editor and Translator: Jagdish Rai Kulrian #46, Employees Colony, Bareta (Mansa)-151501 M. No. 94173-29033, 95018-77033 E-mail : jagdishkulrian@gmail.com जगदीश राय कुलरियाँ # 46, ईम्पलाइज कॉलोनी, बरेटा, (मानसा) पंजाब । प्रथम संस्करण : 2025 मूल्य : 290/- रुपये (Paperback) © लघुकथा शोध केंद्र समिति, भोपाल प्रकाशक : अपना प्रकाशन, 54/ए, सेक्टर-सी बंजारी, कोलार रोड भोपाल - 462042 (म.प्र.) मो.: 9575465147 ईमेल : apnaprakashan2018@gmail.com मुद्रक : विकास ऑफसेट, भोपाल अनुक्रम 1. क...की... ई..... ?/अनवंत कौर 2. जागृति / अश्वनी खुडाल 3. पराली का सेक/डॉ. कर्मजीत सिंह नडाला 4. संतरे / करमवीर सिंह सूरी 5. नई सुबह / कुलविंदर कौशल 6. शब्दों के घेरे / कैलाश ठाकुर 7. धर्म मित्र / डॉ. गुरविंदर अमन 8. दुर्गावती / गुरमीत सिंह मराड 9. दादी अम्मा की कॉपी / गुरप्रीत कौर 10. संघर्ष / गुरसेवक सिंह रोड़की 11. शवगृह में खड़ा आदमी / जगदीश अरमानी 12. रिश्तों का सच / जगदीश राय कुलरियाँ 13. ढहते मुनारे / जसबीर ढंड 14. मर्दानगी...
विष्णु प्रभाकर की चुनिन्दा लघुकथाएँ / अतुल कुमार (सम्पादक)
विष्णु प्रभाकर की चुनिन्दा लघुकथाएँ सम्पादक अतुल कुमार ISBN No.: 978-93-47155-91-8 सर्वाधिकार :@ लेखकाधीन प्रकाशक : विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान (पंजीकृत) ए 249, सेक्टर - 46, नोएडा - 201303 ईमेल : vishnuprabhakarpratishthan@gmail.com शब्द संयोजन : विक्की कपूर मुद्रक : श्वेताली कपूर, ई-200, सेक्टर 21, जलवायु विहार, नोएडा-201301 संस्करण : 2025 मूल्य : 320 रुपये Vishnu Prabhakar ki Chuninda Laghukathayein (Hindi) (Laghukatha - Sangrah) Complied by Atul Kumar संपादकीय विष्णु प्रभाकर साहित्य जगत में एक परिचित और सर्व-स्वीकार्य नाम है। यूं तो उन्होंने साहित्य की हर विधा में लिखा पर सबसे अधिक कहानियाँ ही लिखीं। अपने को वे मूलतः कहानीकार ही मानते थे। अपने सृजन काल में जैसे वे अन्य सभी विधाओं से जुड़ते रहे, वैसे ही अनायास लघुकथा के क्षेत्र में भी प्रवेश कर गए। उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा में 100 से अधिक लघुकथाएँ लिखीं। इनके अतिरिक्त भी उन्होने अनेक छोटी-छोटी कहानियाँ लिखीं जो नीति कथाओं की श्रेणी में आती हैं। यद्यपि यह कोई बड़ी संख्या नहीं परन्तु उनके विपुल साहित्यिक अवद...







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