त्रिशंकु / रेखा राजवंशी

                               त्रिशंकु

                         (लघुकथा-संग्रह)

                               कथाकार 

                            रेखा राजवंशी 

ISBN: 978-93-6423-350-7

प्रकाशक :

अयन प्रकाशन

जे-19/39, राजापुरी, उत्तम नगर, नई दिल्ली-110059

मोबाइल : 9211312372, 8920573345

e-mail: ayanprakashan@gmail.com

website: www.ayanprakashan.com

© : रेखा राजवंशी

प्रथम संस्करण : 2025

मूल्य : 340.00 रुपये

Trishanku (Lagukatha-Sangrah) - Rekha Rajvanshi

मेरी बात

'त्रिशंकु' लघुकथा संग्रह आपके समक्ष रख रही हूँ।

विदेश में होने वाले अनुभवों पर आधारित इस संग्रह की शुरुआत कॉविड समय में हुई थी परंतु अन्य प्रोजेकट्स के चलते ये पूरा नहीं हो पाया था। हरियाणा के वरिष्ठ साहित्यकार श्री राम निवास मानव जी ने मेरी कुछ लघुकथाओं को प्रकाशित किया था, और समय-समय पर मुझे अपने कार्यक्रमों में भी जोड़ा। तब लघुकथाकार मंजीत ठाकुर का फेसबुक समूह भी ज्वाइन किया था। अब समय मिला तो लगा ये लघुकथाएं पाठकों के समक्ष आनी चाहिये।

ऑस्ट्रेलिया की पृष्ठभूमि पर आधारित इन कहानियों में आपको जीवन के विविध रंग, रूप, रस और अच्छे बुरे अनुभव मिलेंगे। समय के साथ चलती ये कहानियाँ आपको विभिन्न प्रकार की समस्याओं से अवगत कराएंगी।

भारतीय तथा अन्य देशों के निवासी ऑस्ट्रेलिया में बेहतर भविष्य के सपने देखते हुए यहाँ माइग्रेट करते हैं। कुछ के सपने सच होते हैं, कुछ लोग विदेश की सांस्कृतिक विविधता, नस्लवाद, व्यस्त जीवन शैली, रिश्तों में समायोजित नहीं हो पाते। पर तब वे न यहाँ के रहते हैं, न भारत वापस लौट सकते हैं। त्रिशंकु की स्थिति में जीना ही उनकी मजबूरी हो जाता हैं।

ऑस्ट्रेलिया के समलैंगिक और ट्रांसजेंडर समाज पर तो ये कहानियाँ प्रकाश डालती ही हैं, बल्कि यहाँ आने वाले एसाइलम सीकर, रिफ्यूजीस की दुनिया में भी झाँकतीं हैं।

ये कहानियाँ हमें ऑस्ट्रेलिया समाज के आईने के सामने खड़ा कर देती है, यहाँ के पात्रों से रूबरू कराती हैं और सबको साथ लिए चलती हैं। इन कहानियों में आपको रिश्तों की खटास के साथ-साथ प्रेम की मिठास भी मिलेगी। सुख-दुख की परिधि में चलती हुई ये कहानियाँ आपके हृदय को छुएंगी, यही आशा है।

'त्रिशंकु' शीर्षक से यह लघुकथा की किताब आपको सौंप रही हूँ।

                                      - रेखा राजवंशी, 

                                    सिडनी, ऑस्ट्रेलिया

अनुक्रम

भूमिकाएँ

1- रेखा राजवंशी यानी ऑस्ट्रेलिया में भारतीय संस्कार की पताका / डॉ. बलराम अग्रवाल।         पृष्ठ  7

2- दो शब्द / डॉ. रामनिवास 'मानव'        पृष्ठ  12

3- रेखा राजवंशी की लघुकथाएँ : सांस्कृतिक घोषणापत्र  / मंजीत ठाकुर।                    पृष्ठ 14

लघुकथाएँ

1. ज़मीन पर कब्ज़ा

2. उत्सव

3. एक और विरोधाभास !

4. बेघर

5. सोच

6. स्वाभिमान

7. पियानो की धुन

8. छोटे की माँ

9. गुड न्यूज़

10. देवप्रिया के प्रेमी

11. अपनी दुनिया

12. प्लेटफार्म 26

13. अनजान रिश्ता

14. परिंदे

15. कोविड पॉज़िटिव

16. जय हिन्द!

17. आख़िरी इच्छा

18. कलियुग का रावण

19. जीजी

20. अकेली

21. घर

22. झुर्रियों वाली दुनिया

23. किट्टी पार्टी

24. पुजारी 

25. काहे को ब्याही बिदेस रे

26. माँ

27. परफेक्शन

28. बधाई

29. कब उठाएगा भगवान

30. ब्रेक अप

31. यलो रंग के लोग

32. नस्लवाद

33. डार्क स्किन

34. शक

35. फैसला

36. फुटबॉल

37. वेजीटेरियन

38. ऊबर

39. सनस्क्रीन

40. स्मैल

41. पब

42. ब्राउन स्किन

43. ब्रेड रोल

44. क्वालिटी ऑफ लाइफ

45. फ्रेंडली ऑस्ट्रेलियन

46. रिलैक्स्ड लाइफ

47. अच्छे लोग

48. ईमानदारी

49. दयालुता

50. सोने की चेन

51. मददगार

52. स्टेपनी

53. वादा

54. बेहतर ज़िन्दगी

55. बॉक्स-फिटिंग-1

56. बॉक्स-फिटिंग-2

57. शादी

58. व्हाइट डेविल

59. इम्तिहान

60. प्रेम कहानी

61. रुखा-सूखा

62. रास्ते

63. इंतज़ार

64. फ़र्ज़

65. भाषा का संकट

66. त्रिशंकु-1

67. त्रिशंकु-2

68. त्रिशंकु-3

69. त्रिशंकु-4

70. बड़ा आदमी

71. सबसे सुंदर पेंटिंग

72. नया अर्थ

73. बोल्ड और ब्यूटीफुल

74. पहचान

75. भलाई

76. नियो-नाज़ी-1

77. नियो नाज़ी-2

78. गाजा में बच्चे

79. राख में मुहब्बत

80. नंबर DON 208

रेखा राजवंशी











कवयित्री और लेखिका रेखा राजवंशी पिछले 24 वर्षों से सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं तथा वे हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार के लिए कार्यरत हैं। स्पेशल नीड्स के बच्चों की अध्यापिका होने के साथ, विद्यालयों और सिडनी विश्वविद्यालय में प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम में उन्होंने कई वर्ष हिंदी पढ़ाई है।

अब तक उनकी 18 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया के लेखकों की 5 पुस्तकों का संपादन भी सम्मिलित है।

उन्हें अनेक राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं-

*2021 में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा हिंदी प्रसार सम्मान।

*2021 में विश्व हिंदी सचिवालय मॉरीशस द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संस्मरण लेखन प्रतियोगिता भौगोलिक क्षेत्र 3 की द्वितीय पुरस्कार विजेता।

*2019 में ऑस्ट्रेलिया के मूलनिवासियों की लोक कथाओं के हिंदी में अनुवाद के लिए राष्ट्रीय स्तर का AUSIT Ex Ecellence in Translation पुरस्कार मिला।

*2020 में एशियन अकेडमी को आर्ट्स ने इन्हें "सरोजिनी नायडू सम्मान"।

* 2025 में हिंदू काउंसिल ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें "गार्गी सम्मान"।

* 1996 में राष्ट्रपति भवन में कवियत्री सम्मेलन में निमंत्रित किया गया तथा महामहिम राष्ट्रपति श्री शंकर दयाल शर्मा तथा विमला शर्मा जी द्वारा सम्मानित किया गया।

* उनकी अनेक कहानियाँ और कविताएँ भारत के विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में सम्मिलित हैं।

* रेखा राजवंशी 'विश्वरंग ऑस्ट्रेलिया' की डायरेक्टर और 'अनन्य ऑस्ट्रेलिया' की संपादक भी रही हैं। ऑस्ट्रेलिया में हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं के प्रचार प्रसार के लिए रेखा राजवंशी ने 2011 में 'इंडियन लिटरेरी एंड आर्ट सोसाइटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया' की स्थापना की और उसके अंतर्गत अनेक गतिविधियाँ जैसे लेखक चर्चा, कवि सम्मेलन, गोष्ठी तथा हिंदी सम्मेलन आयोजित किये। ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न शहरों में बसे लेखकों को एक साथ जोड़ने में रेखा राजवंशी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

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