वर्चस्व/पूरन सिंह

                                 वर्चस्व                                       (लघुकथा-संग्रह)

                                 कथाकार                                                              डाॅ. पूरन सिंह 

ISBN No:- 978-93-47964-87-9

के.बी.एस. प्रकाशन दिल्ली

(कर्म-बद्ध-संकल्प)

मुख्य कार्यालय :- 18/91-ए, ईस्ट मोती बाग, सराय रोहिल्ला दिल्ली-110007

दिल्ली कार्यालय :- 111 - ए.जी-एफ, आनन्द पर्वत, इंडस्ट्रियल एरिया, गली न. 10 दिल्ली-110005

उत्तर प्रदेश शाखा कार्यालय : 26, प्रभात नगर, पीलीभीत रोड, बरेली (उत्तर प्रदेश)

बिहार शाखा कार्यालय : 74, एस. के. फुटकेयर, हथुआ मार्किट, नज़दीक पी.एन.बी. बैंक, छपरा, बिहार- 841301

दूरभाष :- 9871932895, 9868089950

e-mail:- kbsprakashandelhi7@gmail.com

मूल्य : 240.00 रुपये (हार्ड कवर) 

मूल्य : 180.00 रुपये (पेपर बैक)

प्रथम संस्करण 2025 

के.बी.एस. प्रकाशन दिल्ली 

मुद्रक :- सी.पी. प्रिन्टर नई दिल्ली

Book Name: VARCHASHVA 

by: Dr. Puran Singh

अनुक्रम

शीर्षक / पृष्ठ संख्या

बला 17

दरिद्र आदमी 18

त्योहार 19

प्रतिबिंब 20

रहस्य 21

मर्यादा 22

व्यवस्था की चीख 23

डर 24

आरोग्यम् अपार्टमेंट्स 25

मेरा संदेश 26

उच्चकुलीन ब्राह्मण 27

पहल 28

अधिकार 29

बेशर्म 30

चूक 31

वर्चस्व 33

निडर 34

जमीर 35

लाशों के सौदागर 37

अब कैसे करें 39

मासूम श्रेया 40

जादू 41

रिजाइन 42

रूम चेंज 43

जिद्दी 44

चुनाव लड़ने की चाह 45

आज का एकलव्य 46

भाषा 47

ठाकुर बाबू 49

संस्कारहीन 50

गुनहगार 51

शर्मशार 52

ये माँ ही हो सकती हैं 53

तुम लौट आओ साथी 54

तराजू 55

ब्राह्मण धर्म 57

चेहरे पर चेहरे 59

पढ़ाई का बस्ता 60

गुड़िया 61

रासलीला 62

सदियों की साजिश 64

जाल 65

जमीर 68

प्रायश्चित 69

अवार्ड 71

अपना-अपना जियो 73

शर्म 75

प्रसाद 76

तथागत का सम्यक मार्ग 77

 दोस्ती 78

डॉ. पूरन सिंह

जन्म : 10 जुलाई, 1964 मैनपुरी, उत्तर प्रदेश

शिक्षा : एम.ए. अंग्रेजी-हिन्दी, सत्तरोत्तरी हिन्दी कहानियों में नारी विषय पर पी-एच.डी.

कृतियाँ : लगभग सभी छोटी, बड़ी और स्तरीय पत्र-पत्रिकाओं में कहानियां, लघुकथाएं, कविताएं, लेख आदि प्रकाशित।

पुरस्कार/सम्मान : विभिन्न प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्थाओं द्वारा अनेक सम्मान और पुरस्कार।

हिन्दी अकादमी दिल्ली द्वारा कहानी नरेशा की अम्मा उर्फ भजोरिया पर श्रीराम सेंटर दिल्ली में नाट्य मंचन का आयोजन।

प्रकाशन : 9 कहानी संग्रह पथराई आंखों के सपने, साजिश, मजबूर, पिंजड़ा, हवा का रुख, हरे कांच की चूड़ियाँ, रिश्ते, स्त्री और द से दलित तथा 11 लघुकथा संग्रह -महावर, वचन, सुराही, दिदिया, इंतजार, 100 लघुकथाओं का संग्रह, मन, 64 दलित लघुकथाएं, लघुकथा शतक, दाग और मीत सब झूठे पड़ गए एवं 3 कविता संग्रह -विद्रोह, अस्तित्व और भूख प्रकाशित।

कविता-संग्रह वृंदा, कहानी संग्रह 18 कहानियां 18 कहानीकार, व्यथा और नैतिक वर्जनाओं की कहानियाँ व फरिश्ते लघुकथा-संग्रह का संपादन।

विभिन्न रचनाएँ पुरस्कृत एवं आकाशवाणी से प्रसारण।

लघुकथाओं, कहानियों और कविताओं आदि में निरंतर लेखन।

उड़िया/मराठी/पंजाबी/बंगला/उर्दू/तेलुगु/अंग्रेजी आदि में विभिन्न रचनाओं का अनुवाद प्रकाशित ।

संप्रति : भारत सरकार में संयुक्त निदेशक के पद से सेवानिवृत्त, अब स्वतंत्र लेखन ।

संपर्क : 240 और 935 डी, बाबा फरीदपुरी, वेस्ट पटेल नगर, नई दिल्ली-110008,

मोबाइल : 9868846388 

ई मेल: drpuransingh64@gmail.com

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