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लघुकथा विशेषांक 2020/रीटा खडयाल (सं.)

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लघुकथा  विशेषांक : हमारा साहित्य 2019-2020 (लघुकथा विशेषांक-2) संपादक (कार्यकारी) : रीटा खडयाल प्रथम संस्करण : 2020 आई.एस.बी.एन. : नहीं प्रकाशक : सेक्रेटरी, जे. एंड के. अकैडमी ऑफ आर्ट, कल्चर एंड लैंग्वेजिज, केनाल रोड, जम्मू-180001 फोन : +91-191-2542640/2577643/2579576 अनुक्रमणिका :  यशपाल निर्मल की लघुकथाएँ  बाप की सीट  गर्व  सच्चा प्यार  अजनबी  मोह माया  कीर्ति श्रीवास्तव की लघुकथाएँ  माया  बदलता रवैया  श्रद्धा सुमन  बैरी केवट  खानाबदोश  अश्वनी कुमार आलोक की लघुकथाएँ गुमशुदा  एतद्धि रामायणम्  मधुमेह  प्रेम न बाड़ी उपजै  आपद्धर्म  केशव मोहन पांडेय की लघुकथाएँ क्षमा  खिलौना  मुक्ति  प्यार  अनफ्रेंड डॉ. मनोज तिवारी की लघुकथाएँ टिशू पेपर  काला चेहरा  बोझ  प्रयास  काश  शशि पाधा की लघुकथाएँ मोहर  गुथली  परतें  तबादला  डॉ. शिवम तिवारी की लघुकथाएँ वृद्धाश्रम का दुःख  हम सब मात्र निमित्त हैं  राष्ट्रप्रेम  सच्ची...

लघुकथा आलोचना 2018/ डॉ. जितेन्द्र ‘जीतू’

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लघुकथा संग्रह : समकालीन लघुकथा का सौंदर्यशास्त्र एवं समाजशास्त्रीय सौंदर्यबोध लेखक / आलोचक : डॉ. जितेन्द्र ‘जीतू’ प्रथम संस्करण : 2018 आई.एस.बी.एन. : 978-93-86436-39-9 प्रकाशक : वनिका पब्लिकेशन्स, रजि. कार्यालय- एन ए-168, गली नं.6, विष्णु गार्डन, नई दिल्ली-110018/मृख्य कार्यालय- सरल कुटीर, आर्य नगर, नई बस्ती, बिजनौर-246701, उ. प्र. फोन : +91-9412713640 / +91-1342-262186 ईमेल : contact@vanikaapublications.com / vanikaapublications@gmail.com   वेबसाइट : www.vanikaapublications.com  अनुक्रमणिका :  समकालीन लघुकथा का सौन्दर्यशास्त्र (अ) समकालीन लघुकथा का तात्विक सौन्दर्यबोध (ब) समकालीन लघुकथा का शिल्पगत सौन्दर्यबोध (स) समकालीन लघुकथा का वस्तुगत सौन्दर्यबोध समकालीन लघुकथा को प्रभावित करने वाले कारक राजनैतिक परिस्थितियाँ धार्मिक परिस्थितियाँ आर्थिक परिस्थितियाँ सांस्कृतिक परिस्थितियाँ सामाजिक परिस्थितियाँ समकालीन लघुकथा का समाजशास्त्रीय सौन्दर्यबोध प्रमुख लघुकथाओं का समाजशास्त्रीय सौन्दर्यबोध समाजशास्त्रीय सौन्दर्यबोध से अभिप्राय इसकी प्रसंगिकता समकालीन लघुकथा का समाज से अन्तर्स...

लघुकथा विशेषांक 2020/रीटा खडयाल (सं.)

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  लघुकथा विशेषांक : हमारा साहित्य 2017-2018 (लघुकथा विशेषांक-1) संपादक (कार्यकारी) : रीटा खडयाल प्रथम संस्करण : 2020 आई.एस.बी.एन. : नहीं प्रकाशक : सेक्रेटरी, जे. एंड के. अकैडमी ऑफ आर्ट, कल्चर एंड लैंग्वेजिज, केनाल रोड, जम्मू-180001 फोन : +91-191-2542640/2577643/2579576 अनुक्रमणिका :  कमलेश भारतीय की लघुकथाएँ सात ताले और चाबी कुछ खास नहीं स्टिकर राजनीति चेहरा उमेश महादोषी की लघुकथाएँ वो एक क्षण पिंजड़े को पकड़कर झूलती चिड़िया एक रिश्ता यह भी फेसबुक के पाठक बनाम लघुकथा के पाठक राम का लंकादहन रामकुमार आत्रेय की लघुकथाएँ बूढ़ी लड़की संस्कृति खतरनाक आदमी सुख-दुःख मिट्टी का दीया मधुदीप की लघुकथाएँ उजबक की कदमताल टीस लौटा हुआ अतीत योद्धा पराजित नहीं होते रामकुमार घोटड़ की लघुकथाएँ  भटकती आत्मा समय-समय की बात  चाँद पर रोटी  घर-घर की कहानी  उनके आने के बाद  राजेंद्र परदेसी की लघुकथाएँ  विवशता  अधिकारी  अनुराग का एक क्षण  जंगलीपन  राधेश्याम भारतीय की लघुकथाएँ  बड़ा हूँ ना!  मेरा घर  पुल  कमी  अमृत  अशोक ...

लघुकथा संग्रह 2020/कहाँ हो तुम!

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लघुकथा संग्रह : कहाँ हो तुम! कथाकार :   कमलेश सूद प्रथम संस्करण : 2020 आई.एस.बी.एन. : 978-81-949025-1-5 प्रकाशक : एजूकेशनल बुक सर्विस, एन-3/25-ए, डी.के. रोड, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, नई दिल्ली-110059 फोन : +91-9899665810 ईमेल : ebs.2012@yahoo.in अनुक्रमणिका :   1. नया घर 2. बस! अब और नहीं 3. जज्बा 4. समर्पण 5. हिम्मत मत हारना 6. बड़े साहब 7. रक्षा-कवच 8. माँ बेटे का रिश्ता 9. आधी रात के बाद 10. नवजीवन 11. वह मुस्कुरा उठी 12. महात्मा जी की सीख 13. लायक बेटे 14. सब ठीक हो जाएगा 15. भाग जाओ 16. उम्र की ऐसी की तैसी 17. छत पर भूत 18. छन्नाछन्न बरसीं मोहरें 19. आभार 20. इक्कीसवीं सदी बनाम पच्चीसवीं सदी  21. फरिश्ते 22. गौरी और काली 23. नेत्रदान 24. झाँकी 25. झंझट 24. नई नौकरानी 25. डर 26. कितना मातम 27. भटकन 28. मजबूरियाँ 29. मुखौटे 30. तोहफा 31. भाईचारा 32. भय का भूत 33. दूर के ढोल सुहावने 34. पिंजरे की मैना 35. संबल 36. होश तो आई पर मां को खोकर 37. आतिथ्य 38. अकेलेपन का दंश 39. दूसरी भी लड़की ही हो 40. आप मेरी मां हो 41. कोकिला 42. मीलों की दूरियाँ 43. वर्षगांठ 44. जाको रा...

लघुकथा-आलोचना-2021/रूप देवगुण

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पुस्तक :  पूर्ववर्ती हिन्दी लघुकथाओं का समीक्षात्मक अध्ययन (सन् 1875 से सन् 1970 तक) लेखक : रूप देवगुण प्रकाशक :  साहित्यागार,  धामाणी मार्केट की गली, चौड़ा रास्ता, जयपुर-302003 फोन : 0141-2310785, 4022382, 2322382, Mob.: 9468943311  e-mail: sahityagar@gmail.com website : sahityagar.com  webmail : mail@sahityagar.com प्रथम संस्करण : 2021 ISBN : 978-93-90449-17-0 अनुक्रमणिका 1. अंगहीन धनी  भारतेन्दु हरिशचन्द्र। 2. अद्भुत संवाद  भारतेन्दु हरिशचन्द्र 3. एक टोकरी-भर मिट्टी माधवराव सप्रे 4. भूगोल  चन्द्रधर शर्मा गुलेरी 5. बिल्ली और बुखार  माखनलाल चतुर्वेदी 6. बुढ़िया पुराण  अयोध्या प्रसाद गोयलीय 7. झलमला  पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी 8. नथ  माखनलाल चतुर्वेदी 9. दरवाजा  प्रेमचन्द 10. अधिकारी पाकर  माखनलाल चतुर्वेदी 11. न्याय घण्टा  चन्द्रधर शर्मा गुलेरी. 12. बड़ा क्या है ?  पं. हजारी प्रसाद द्विवेदी  13. कलावती की शिक्षा  जयशंकर प्रसाद, 14. बेबी  आचार्य रामचन्द्र श्रीवास्तव 'चन्द्र' 15. ...

लघुकथा-विशेषांक-2004/प्रभाकर शर्मा (सं.)

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(संतोष सुपेकर के सौजन्य से) लघुकथा-अंक : सागर के मोती ( अरविंद नीमा स्मृति लघुकथा-अंक ) संस्करण : अगस्त 2004 प्रकाशक : हस्ताक्षर प्रकाशन 271, इन्दिरानगर, आगर रोड, उज्जैन-456006 प्रबन्धन : सुदेश नीमा सहयोग राशि : रु. 20/ इस संकलन में अनुक्रम पृष्ठ नहीं है। प्रभाकर शर्मा द्वारा लिखित संपादकीय : लघुकथाएँ युगीन प्रवृत्तियों के अनुसार प्राचीन काल से ही लिखी जा रही हैं। पंचतंत्र की लघुकथाएँ राजपुत्रों को नीति की शिक्षा देने के लिए लिखी गई थी जिसमें वे सफल भी रहीं, वर्तमान लघुकथाएँ भी सामान्य जन के अन्दर सामाजिक, राजनीतिक और पारिवारिक विद्रूपताओं के विरुद्ध पनप रही विरोधी भावनाओं के कारण लिखी जा रही है । हर क्षेत्र में पनप रहे दोहरे चरित्र या कथनी और करनी के अन्तर को स्पष्ट करने के लिए भी लघुकथाएँ लिखी जा रही हैं। भारत में हो रहे पाकिस्तानी आतंकवादी गतिविधियों को आज भी अमेरिका मान्यता नहीं दे रहा है, जबकि अमेरिका पर हुए एक ही आतंकवादी हमले के कारण उसने अफगानिस्तान और लादेन के खिलाफ विश्व जनमत तैयार कर अफगानिस्तान पर आक्रमण कर समस्या का निदान कर लिया लेकिन इस घटना के बाद भारत की संसद पर आतंकी...

लघुकथा-संकलन-1994/वेद हिमांशु एवं राजेन्द्र निरंतर (सं.)

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(संतोष सुपेकर के सौजन्य से) लघुकथा-संकलन : स्याह हाशिये    सम्पादक : वेद हिमांशु एवं राजेन्द्र निरंतर   प्रकाशक : काव्यपंक्ति, बृजनगर, शुजालपुर मंडी, म.प्र.  प्रथम संस्करण : अप्रेल 1994    रचनाधिकार : लेखकाधीन  संकलनाधिकार : सम्पादक  आवरण सज्जा : पारस दासोत / अव्यावसायिक पहल  — सहयोग राशि : पन्द्रह रुपये मात्र इस संकलन में अनुक्रम पृष्ठ नहीं है। वेद हिमांशु जन्म 1 जुलाई 1954 सांवेर (जिला इंदौर) एम. ए. हिंदी । सन् 1974 से लघुकथा आंदोलन में सक्रिय और सृजनात्मक भूमिका ! इंदौर, बैढ़न, (सीधी) मंदसौर और अब शुजालपुर, जहां भी होते हैं, चुप बैठना पसंद नहीं, शुरूआत अकेले करते हैं, फिर सब सहज ही साथ हो जाते हैं, विनीत स्वभाव और ठोस । तल्ख लेखन के लिए लोकप्रिय । कविता की सभी धाराओं में लेखन । मालवी बोली में नई कविता और जापानी शिल्प हाइकु मालवी में प्रयोग के लिए इन दिनों विशेष उल्लेख । रचनाओं के बंगला व पंजाबी में अनुवाद। कई राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय संकलनों में रचनाएं शामिल । 'काव्य पंक्ति' के सम्पादक संयोजक ! सदस्य 'लोक मानस अकादमी' एवं 'साहित्य मंथन' उज्जै...